Saturday, June 10, 2017

सोशल मीडिया का नव-भारत !


सोशल मीडिया का नव-भारत !

साल २०२५, स्थान -सेंट्रल पार्क, कनाट प्लेस। गेरुआ-काले- हरे कपड़े में लिपटे बाबा गूगलपंत देव ध्यान मुद्रा में बैठे हैं। मंच के बाईग्राउंड में इंटरनेट कनेक्शन के ज़रिए इंटरनेट के कारण हो रहे अवसाद पर बाबा के सहयोगी संत फ़ेसबुकानंद पॉवर प्वाइंट प्रजेंटेशन दे रहे हैं। 

पहली पाती में हाल ही में हुए आमचुनाव में प्रचंड लाइक और कमेंट से चुने गए प्रधानमंत्री जी बैठे हैं। इस बार का चुनाव इंटरनेट के ज़रिए ही लड़ा गया था। 'विपक्ष' शब्द अब भारतीय लोकतंत्र की डिक्शनरी में समा गया है इसलिए पहली पाती में केवल सरकार के मुखिया और मंत्री ही नज़र रहे हैं। 

बाबा गूगलपंत जी पिछले एक हफ़्ते से भारत दौरे पर हैं। आज उनके दौरे का अंतिम कार्यक्रम है। दौरे की शुरुआत उन्होंने पटना से की थी , जहाँ हाल ही में प्रयोग के तौर पर फ़ेसबुक कमेंट के ज़रिए विधानसभा चुनाव हुआ था। जिसके बाद ही संसद ने एक अध्यादेश जारी कर पटना को देश का सोशल मीडिया कैपिटल घोषित किया था। पटना के चिड़ियांघर को फ़ेसबुक ने अपना केंद्र बना लिया है। 

उधर, गूगलपंत देव ने ध्यानमुद्रा तोड़कर एक आँख से पहले प्रधानमंत्री जी को देखा। हालाँकि प्रधानमंत्री जी का ध्यान मोबाइल स्क्रीन पर था। ऐसे में गूगलपंत देव ने कुछ देर और ध्यानमुद्रा में जाना उचित समझा। तबतक प्रधानमंत्री जी  ने वॉटसएप ग्रुप पर कैबिनेट की मीटिंग ले ली। 

अब गूगलपंत देव ने अपना भाषण आरंभ किया। उन्होंने अवसाद को इंटरनेट से जोड़कर कई बातें कही और बताया कि अगले पाँच साल तक भारत सरकार एक सर्वे करवाएगी, जिसमें पता लगाया जाएगा कि किस मोबाइल कम्पनी के सबसे अधिक ग्राहक हैं। इस डाटा के आधार पर ही इंटरनेट अवसाद को लेकर सरकार रिपोर्ट जारी करेगी। 

गूगलपंत देव ने अंत में प्रधानमंत्री जी से आग्रह किया कि  वे अपनी बात रखें ताकि अमेरिका के लोग उन्हें सुन सकें क्योंकि अमेरिका में अप्रवासी भारतीयों  का संगठन भारत को डिजिटल देश बनाने  के लिए काम कर रहा है। 

गूगलपंत देव  के आग्रह पर प्रधानमंत्री जी शॉल ओढ़े मुक्तक़ाश मंच  पर आते हैं। उनके मंच  पर आने के तुरंत बाद ट्विटर पर 'प्रधानमंत्री उवाच:' ट्रेंड बन जाता है। प्रधानमंत्री ने अपने भाषण में लोगों से अधिक  से अधिक वाट्सएप और फ़ेसबुक- ट्विटर पर सरकार  की बात सुनने-पढ़ने-देखने की अपील की। 

उन्होंने कहा कि सरकार जल्द ही ग़रीबी रेखा से नीचे गुज़र बसर कर रहे लोगों  के लिए विशेष स्मार्टफ़ोन बाज़ार में उतारेगी और उसे आँटा की तरह मुफ़्त में बाँटा जाएगा। उन्होंने बिहार की डिजिटल जनता को नई सरकार चुनने के लिए बधाई दी और कहा कि वे जल्द ही पटना के चिड़ियाँ घर का आभासी दौरा करेंगे और सरकार के डिजिटल सचिवालय का जायज़ा लेंगे। उन्होंने इंटरनेट स्पीड को जीडीपी से जोड़कर एक नया फ़ार्मुला दिया। 

प्रधानमंत्री ने अपना भाषण ख़त्म कर गूगलपंत देव के साथ एक सेल्फ़ी खिंचा और उसे तत्काल विभिन्न सोशल मीडिया प्लेटफ़ॉर्म पर डाल दिया। 

उधर कार्यक्रम की समाप्ति  के बाद गूगलपंत ने प्रधानमंत्री से आग्रह किया कि ग़रीबी रेखा से नीचे वालों के लिए जिस स्मार्टफ़ोन की उन्होंने बात की उसका ठेका उन्हें दिया जाए और  इस तरह बात बन गई और अगले दिन देश की सभी 'हँसमुख मीडिया' ने एक ही तरह की हेडिंग लगाई- 'ग़रीब भी अब होगा फ़ेसबुक पर' 😀 इस ख़बर के कारण इंटरनेट और अवसाद की ख़बर गई तेल लेने और जब एक चैनल का बाग़ी एंकर इस विषय पर प्राइम टाइम कर दिया तो उसके ख़िलाफ़ सोशल मीडिया पर हो-हंगामा शुरू हो गया और इस तरह एक और ट्रोल चल पड़ा। 

इति वार्ता








3 comments:

Ajay Singh said...


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