Wednesday, April 08, 2009

हंसते रहो..............

ऑरकुट के स्क्रैप बुक में टपके इस फोटू को देखिए, और हंसिए..


5 comments:

Anil Pusadkar said...

राजनीति अब दुकान ही हो गई है।

परमजीत बाली said...

बहुत बढिया !!

आशीष कुमार 'अंशु' said...

गिरीन्द्र कमाल कर दिए आप ...

काजल कुमार Kajal Kumar said...

पहले तो हलवाइयों को चुन कर भेजेंगे, फिर चाहेंगे कि संसद में साहित्य की बातें हों.

विनीत कुमार said...

बिहार में रबड़ी बहुत फेमस है, दूध वाली नहीं। चीनी की होती है और उपर तिल चिपका होता है। पटना हार्डिंग पार्क में बस पकड़ते वक्त खरीदा करता था, मेरी मां उसे रेउड़ी कहा करती है।