Monday, February 26, 2007

एक नज़र लालू की रेल बजटवा पर


लालू की रेल बोली छयां-छयां...कमाल हो गयील्...भैया.

रेलवे को 20 हज़ार करोड़ रुपए का लाभ हुआ है. पिछले साल ये लाभ 14 हज़ार 700 करोड़ रुपए था.
किसी भी श्रेणी के यात्री किराए में कोई वृद्धि नहीं.
यात्री किराए में कमी- पैसेंजर गाडियों के दूसरी श्रेणी के किराए में प्रति यात्री एक रुपए की कमी. एसी प्रथम में व्यस्त सीजन में तीन फ़ीसदी और एसी द्वितीय श्रेणी के किराए में दो से चार प्रतिशत की कमी.
व्यस्त सीजन 16 अप्रैल से 14 जुलाई और 16 सितम्बर से 14 जनवरी
संघ लोक सेवा आयोग यानी यूपीएससी और अन्य प्रतियोगी परीक्षाओं में शामिल होने वाले परीक्षार्थियों के लिए किराए में पचास फ़ीसदी की छूट.
रेल के डिब्बों में यात्रियों की सहूलियत के हिसाब से बदलाव होगा और सामान्य श्रेणी के डिब्बों में सभी सीटें गद्देदार होंगी.
अकेले यात्रा करने वाले वरिष्ठ नागरिकों और 45 वर्ष से अधिक आयु की महिलाओं के लिए निचली बर्थ का कोटा बढ़ाया जाएगा.
दूधियों, सब्जी वालों और छोटे कारोबारियों के लिए यात्री गाड़ी में अलग डिब्बों की व्यवस्था.
रेलवे कॉल सेंटर के ज़रिए रेल टिकट और होटल की बुकिंग की जा सकेगी.
पेट्रोल पंपों और डाकघरों में रेलवे ई-टिकट बेचे जाएँगे.
दो साल के भीतर बड़े शहरों में छह हज़ार ऑटोमेटिक टिकट मशीनें लगाई जाएंगी.
पेट्रोल, डीजल परिवहन भाड़े में पाँच फ़ीसदी की कमी.
200 स्टेशनों को मॉडल स्टेशन बनाया जाएगा.
इस साल आठ नए ग़रीब रथ और 32 नई रेलगाड़ियाँ चलेंगी. 23 जोड़ी गाड़ियों का विस्तार और 14 जोड़ी गाड़ियों के फेरे बढ़ेंगे.
यात्री गाड़ियों में 800 अतिरिक्त डिब्बे लगाए जाएंगे.
शयनयानों में बर्थ की संख्या 72 से बढ़ाकर 84 की जाएगी.
रेलवे वर्ष 2007-08 को सफाई वर्ष के रूप में मनाएगा.
एक्सप्रेस ट्रेनों में दो और सामान्य श्रेणी के डिब्बे लगाए जाएँगे.
विकलाँगों के लिए विशेष दरवाज़े बनाए जाएंगे.
चार हाई स्पीड कोरीडोर के लिए अध्ययन. इन मार्गों पर ट्रेन 250 से 300 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ़्तार से दौड़ेगी.
कुछ स्टेशनों पर सीसीटीवी कैमरे लगेंगे और सभी टीटीई को पाम-टॉप्स दिए जाएंगे.
मालभाड़ा दरों में कोई वृद्धि नहीं. तीन मंजिला कंटेनर चलाए जाएंगे.
रेलवे पूछताछ का नया टेलीफोन देशभर में 139 होगा.

4 comments:

Raag said...

आप सब कवर कर दिए। समाचार पढ़ना छोड़ दें क्या?

Divine India said...

गिरीन्द्र,
सारा खांका लेखा-जोखा गहराई से खींचा है…।लेकिन तुमने जो प्रश्नों के जवाब दिये हैं वो काविले तारीफ़ है…हाँ तुम सब मेरे उतने ही प्रेरणा दायक हो जितना मुझे माना है…सीख़ना तो परस्पर चलता ही रहता है…।बधाई स्वीकारों!!!

manya said...

Aapki di huyi ye jaankari mere liye to kafi laabhprad rahi.. ek to main TV dekhati nahi.. aur newspaper bhi poori tarah nahi padh paati.. par budget dekhti hun is baar nahi dekh paayi thi.. par aapne saari jaankari de di.. dhanywaad..
Aapne mere prashano ke jo sahaj aur satik jawaab diye uske liye dhanywaad.. mujhe rochak laga aapke bare mein jaanana.. bas ke baat aapne apne jeewan ke mahtwapoorn wyakti ke baare mein kuchhh nahi kaha koi baat nahi.. par jo aapne kaha ki 'yahan to roj saste daamon me khuda bikate hain ..' main usse sahamt nahi.. mera maanana hai jo bik jaaye ya becha jaaye wo khuda hi nahi..

गिरीन्द्र नाथ झा said...

चलिए ,आपकी बात को स्वीकारा लेकिन क्या करूं, अभी तक कोई ऐसा न मिला जिसे मै महत्वपूर्ण मान सकूं. हां ऐसे अनेक दोस्त है मेरे जिनको मै अपने जीवन का अभिन्न अंग मानता हूं..सो..