Thursday, July 30, 2009

सौंदर्य और दया की मूर्ति थीं गायत्री देवी: अमिताभ

अमिताभ बच्चन के ब्लॉग से .....

बॉलीवुड के शहंशाह अमिताभ बच्चन ने शाही शानोशौकत की जीवंत प्रतीक रही जयपुर राजघराने की पूर्व 'राजमाता' गायत्री देवी के निधन पर शोक जताते हुए कहा कि वह 'सौंदर्य और दया की मूर्ति' थी। अमिताभ ने अपने ब्लॉग 'डब्ल्यूडब्ल्यूडब्ल्यू डॉट बिगबी डॉट बिगअड्डा डॉट कॉम' में गायत्री देवी के निधन पर टिप्पणी की है।


उन्होंने गायत्री देवी को पहली बार जयपुर पोलो ग्राउंड में देखा था। अमिताभ ने कहा कि उस समय वह दिल्ली विश्वविद्यालय के छात्र थे। अमिताभ ने कहा कि वह पोलो ग्राउंड में मैच देखने नहीं बल्कि गायत्री देवी की एक झलक पाने के लिए आया करते थे। उन्होंने कहा, "जयपुर के महाराज सवाई मान सिंह पोलो के अच्छे खिलाड़ी थे। जयपुर पोलो ग्राउंड में उनके साथ राजमाता भी आती थीं।"



अमिताभ ने कहा, "वह रेशमी परिधान में पोलो ग्राउंड पहुंचती थीं। वह मुझे सुंदरता की मूर्ति दिखती थी। मैंने कभी सोचा भी नहीं था कि उनसे मेरी मुलाकात भी होगी, लेकिन समय और परिस्थितियों के बदलने से उनसे मेरी मुलाकात संभव हुई।"



गायत्री देवी ने बुधवार को जयपुर के निजी अस्पताल में अंतिम सांस ली। वह 90 वर्ष की थीं। कुछ दिन पहले जब अमिताभ को उनके अस्पताल में भर्ती होने के बारे में पता चला तो उन्होंने 'राजमाता' की जल्द स्वस्थ्य होने की कामना करते हुए फूलों का गुलदस्ता भेजा था।



अमिताभ ने कहा कि गायत्री देवी एक अच्छी मेजबान थीं। उन्होंने कहा कि जयपुर में फिल्मों की शूटिंग के दौरान कई बार जयपुर की पूर्व महारानी से उनकी मुलाकात हुई। पुराने दिनों को याद करते हुए अमिताभ ने कहा, "एक बार गायत्री देवी ने मुझे अपने महल लिलीपुल में भोजन पर बुलाया था। उन्होंने मेरे लिए खास तौर पर कई लजीज व्यंजन तैयार करवाए थे। "

1 comment:

Ashok Mohan Vaishnav said...

thats good



ashok