Wednesday, August 22, 2007

सात साल का नाई........हिट है भाई !

झारखंड में एक जिला है हजारीबाग। इसी जिले में एक जगह है- रामगढ़। यहीं रहते है प्रदुमन ठाकुर। जनाब की उम्र है सात(7) साल। आप इनके उम्र पर मत जाऐं, जाना ही है तो इनके सैलून में पधारें। प्रदुमन ठाकुर अपने हाथों से आपके बाल और दाढ़ी बना देगें। इनका हाथ इस कला में पारंगत है। हेयर-कट दो रुपये में और सेव एक रूपये में... है न सस्ता। प्रदुमन की दुकान पर लंबी लाईने लगी रहती है।
प्रदुमन ने यह काम पांच साल की उम्र से शुरू किया था। इसके पिता रामटहल अब 65 साल के हो गये हैं। उम्र के इस पड़ाव में अब उनका हाथ काम करना बंद कर दिया है। तो क्या हुआ, प्रदुमन ने अपने पिता के काम को अब अपना लिया है। माता-पिता के नही चाहने पर भी इस सात साल के लड़के ने पिता के सैलून को संभाल लिया है। प्रदुमन बताता है "मैं अपने परिवार का सबसे बड़ा लड़का हूं। जब बाबूजी काम करने में
असमर्थ हो गये तो हमारे घर की स्थिती डगमगा गयी, उसी समय मैंने निर्णय लिया कि मैं यह काम करूंगा।"
वह दिन भर मे 30 से 35 रूपये कमा लेता है। उसके कई फिक्सड ग्राहक हैं, जो केवल उसी की सेवा लेते हैं। प्रदुमन स्थानीय प्राथमिक स्कूल के कक्षा दो का छात्र है। लेकिन वह मुश्किल से ही पढाई कर पा रहा है। वह प्रतिदिन कक्षा नहीं जा पाता है।
प्रदुमन की मां कुल्लो देवी कहती है "मेरी इच्छा नहीं थी कि प्रदुमन नाई का काम करे। परिस्थति ने उसे यहां पहुंचाया है। मेरी तमन्ना है कि उसके हाथों में कैंची और अस्तूरे के बदले कलम रहे......।"

3 comments:

संजय तिवारी said...

और हमारा यह चिट्ठाकार भी हिट है भाई.

Sanjeet Tripathi said...

ह्म्म, गुड है लेकिन मजबूरी इसे ही कहते हैं!! दुआ है कि प्रदुमन अपनी पढ़ाई जारी रख सके!!

ganand said...

kewal dua se kya hoga Tripathi ji, kcuh prayas bhi to ham karen. Ham sabhi log dua to badi aasani se kar dete hain par koi prayas nahi karte hain. Agar Girendra ji aap us bachhe ka pata batayein to badha hin auchha rahega. Aub samay aa gaya hai ki ham dua karne se thoda aage badhen......