
आप मानें या न माने , लेकिन मेरे लिए यह एक बड़े पुरस्कार की तरह है। बुधवार के हिंदुस्तान अख़बार में रवीश कुमार ने इस ब्लॉग की तहे -दिल से चर्चा की।मैं इसे अपने लिए ''वर्ष का पुरस्कार'' मानता हूँ और रवीश से बस यही कहना चाहता हूँ - '' शुक्रिया कहने की इजाज़त चाहूँगा सर ............ ''