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Friday, December 12, 2008

शुक्रिया कहना चाहता हूँ सर


आप मानें या न माने , लेकिन मेरे लिए यह एक बड़े पुरस्कार की तरह है। बुधवार के हिंदुस्तान अख़बार में रवीश कुमार ने इस ब्लॉग की तहे -दिल से चर्चा की।

मैं इसे अपने लिए ''वर्ष का पुरस्कार'' मानता हूँ और रवीश से बस यही कहना चाहता हूँ - '' शुक्रिया कहने की इजाज़त चाहूँगा सर ............ ''