
एक बहन ने ऱाखी के शुभ अवसर पर अपने भाई को एक ऐसा उपहार दिया, जो सचमुच में अलग है।
छत्तीसगढ़ के रायपुर में एक अस्पताल है- Modern medical Institute यहां के ट्राउमा यूनिट के बेड नं. 5 पर एक भाई को राखी के अवसर पर एक नई जिंदगी नसीब हुई है। आप इसे पुर्नजनम कह सकते हैं।
असीम कुमार सिंहा नाम के इस भाई को बहन अनुमिता ने किडनी उपहार स्वरूप भेंट की है। 36 वर्षीय अनुमिता अपने भाई से बेहद प्यार करती है। बकौल अनुमिता-"असीम हमारा प्यारा भाई है, हम चार बहने हैं और असीम हमारा इकलौता भाई। हम उसके लिए कुछ भी कर सकते हैं।"
दरअसल असीम अपने दोनों किडनी खराब हो जाने के कारण जिंदगी और मौत से जूझ रहा था। बहन क्या करती, राखी के शुभ मौके पर इससे अच्छा उसके लिए और क्या तौहफा हो सकता था...................................
ऱाखी के दिन अनुमिता अपने भाई के बगल के बेड पर लेटी है। रविवार रात डॉक्टरों ने असीम के शरीर मे अनुमिता की किडनी प्रत्यारोपित कर हीं दी। बहन अनुमिता बेहद खुश नजर आ रही थी। सुबह उसने अपने भाई के कलाई में राखी बांधी तो अस्पताल के लोगों की आंखे भी नम हो गयी। बहन ने न केवल कलाई में राखी बांधी है, बल्कि उसने अपने भाई को एक नई जिंदगी भी दी है।
असीम के स्वास्थ में सुधार हो रहा है। राखी के इस पावन अवसर यह कार्य सचमुच काबिल-ए- तारिफ है....
बहन को सलाम...